बीड़ । शुभम नेगी

शुभम नेगी की कविता 'बीड़'
बीड़, उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में जोगिंदर नगर घाटी के पश्चिम में स्थित एक गांव है। बीड़ को “भारत का पैराग्लिडिंग कैपिटल” के रूप में जाना जाता है, बीड़ ईकोटोरिज़्म, आध्यात्मिक अध्ययन और ध्यान के लिए एक प्रसिद्ध केंद्र है। बीड़ कई बौद्ध मठों और एक बड़े स्तूप के साथ तिब्बती शरणार्थीयों का घर है। बिलिंग पैराग्लिडिंग के लिए टेकऑफ़ साइट है और लैंडिंग साइट बीड़ है, सामूहिक रूप से इसे “बीड बिलिंग” कहा जाता है। Photograph by Shubham Negi

पेड़ यहाँ के मूल निवासी हैं
पेड़ों द्वारा लगायी क्यारियों में
उगे हैं यहाँ इक्के-दुक्के इंसान

पहाड़ हैं पार्क में लगे स्लाइड
जिनकी सतह पर फिसलते आते हैं
बादलों के बच्चे बारहा

पत्थरों पर पानी के गिरने से
उपजी धुन
फूलों के नृत्य का पार्श्व-संगीत है

यहाँ उदास आँखों को
घेर लेती हैं तितलियाँ
बुद्धिस्ट झंडों से झरते पाँच रंग
चलते होंठों पर उँगली रख देते हैं

दूर खेत में साईकिल दौड़ाती बच्ची
टायरों से कातती चलती है
सूरज की आती किरणों को

एक उत्कृष्ट प्रकाश डिज़ाइन में
चमक उठते हैं कुछ कोने
पहाड़ी मंच के
कुछ बुझ जाते हैं दृश्य-परिवर्तन तक

घाटी में मंचित इस संगीत-नाटक के
तमाशबीन हैं यहाँ
पहाड़ की पीठ पर लदे पहाड़

शुभम नेगी