बाहरी मान्यता और आत्म अवलोकन(कला और कलाकार के संदर्भ में)

आज सोशल मीडिया के दौर में हर कोई फेसबुक लाइक, ट्विटर रीट्वीट, या इंस्टाग्राम हार्ट्स को बाहरी मान्यता का मापदंड बनाये बैठा है। ऐसे में कलाकारों का दूसरों की राय को अपने कलात्मक आत्म अवलोकन का आधार बनाना कितना सही और कितना ग़लत है?