भोपाल-कुछ लैण्ड स्केप्स / हेमन्त देवलेकर

भोपाल-कुछ लैण्ड स्केप्स

सुंदरता वह प्रतिभा हैजिसे रियाज़ की ज़रूरत नहींभोपाल ऐसी ही प्रतिभा से सम्पन्न और सिद्ध. यह शहर कविताएँ लिखने के लिये पैदा हुआआप इसे पचमढ़ी का लाड़ला बेटा कह सकते हैंपहाड़ यहाँ के आदिम नागरिकझीलों ने आकर उनकी गृहस्थियाँ बसाई हैं. यह शहर जितना पहाड़ों पर चढ़ा हुआउतना ही झीलों में तैर रहायह ऊँचाई और …

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