वितानमय । मनीष कुमार यादव

The Goldfinch by Carel Fabritius

समय का प्रवाह अब आगे नहीं बढ़ रहा है (हालाँकि आत्महत्या अब एक परित्यक्त विचार है) और समय की प्रतिबद्धता जैसे हताशा का चेहरा है