Abhijeet Singh

Abhijeet Singh Poems India

Abhijeet is an English literature student from Lucknow and writes vividly on varying themes. His poems are a magical magnifier that makes small things look significant. His bird-eye perspective towards the world stands out in his work.

मेरे अंदर औरत । अभिजीत सिंह

El Jardin, Judithe Hernandez

खुल गयी देह देह में छिपे कमरों का भेद कपड़ों का बे-तरतीब तौर से उतरना लिख दिया गया हड़बड़ाहट लिख दी गयी उनके उतरने की मैं कहाँ पर गिरी नहीं लिखा गया किसी दीवार की खूँटी परया फ़र्श पर औंधे मुँह पड़े रहते हुए ही मेरा जन्म हुआ दीवार ने पीठ थपथपाने मेज़ ने सिर पर घाव देने चाय के कप ने चेहरा जलाने अस्तुरे …

Handpicked Hindi Poems from June 2021

The Kiss by Gustav Klimt

एक बार पलटना तो चाहता हूँ – अभिजीत सिंह पीछे देखने के संदर्भ में • एक बारपलटना तो चाहता हूँ कि सूरज जब गिरेमेरी ही तरह वर्तमान सेवर्तमान में सम्मान मेंजब शाम के आकाश सेबीत चुके दिन के फूल गिर पड़ें और रिस रहा होमोहल्ले की एकलौती खुली खिड़की सेजब प्रेम खुली किताब काखुली आँखों …

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