अनुराग अनंत

Anurag Anant Poems India

इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश से – नई पीढ़ी के चर्चित कवि

अनुराग अनंत की कविता ‘महामारी के दिनों में’

महामारी के दिनों में

एक मैं कहाँ हूँ इन दिनों पूछोगे, तो बता नहीं पाऊँगा आँखों के नीचे जमता जा रहा है जागी हुई रातों का मलबा सिर में सुलगते रहते हैं न जाने कैसे-कैसे ख़याल छत से देखता रहता हूँ गंगा के किनारे जलती हुई चिताएँ एक मौन है, जहाँ मैं हूँ या नहींठीक-ठीक कह नहीं सकता एक चीख़ है, जिसके दोनों सिरों …

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अनुराग अनंत की कविता – सलीका

painting

पहाड़ चढ़ने का भी सलीक़ा है और उतरने का भीकिसी को भुलाते हुए यदि सावधानी न बरती जाएतो भुलाना याद करना बन जाता हैजीवन को अगर सलीक़े से न जिया जाएतो जीवन से जीवन जाता रहता हैजैसे देह से जाते रहते हैं प्राण किसी को बुलाओ तो ध्यान रहे आवाज़ में चुम्बक रहेलोहा-दिल लोग भी …

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