अंशिका शुक्ला की कविता – जीवंतता

मेरे पूर्वजों मुझे क्षमा करना
मैं अज्ञानी हूं
रीति – रिवाज़ो के पीछे छिपा
महान कारण नहीं जानती
जानती हूं तो सिर्फ़ इतना
कि “मृत को देखने से
कहीं ज्यादा आघात होता है
जीवित को पल – पल मरते देखने में!