नरेश सक्सेना का कविता संग्रह ‘समुद्र पर हो रही है बारिश’

Samudra

इस संग्रह में दी गयी कविताएँ न सिर्फ़ पढ़ने तक ही सीमित हैं, बल्कि कविता लिखने – सीखने वालों के लिए भी नरेश जी की कविताओं का ढाँचा (स्ट्रक्चर), उनका छोटी सी छोटी चीज़ को कविता की कसौटी पर बड़ा कर देना, इन कविताओं की यात्रा करते हुए सीखा जा सकता है। किताब में दी गयी पहली ही कविता ‘हिस्सा’ एक सचेत पाठक को उपमाओं पर सोचने का निमंत्रण देती है।