शुभम नेगी

shubham negi poemsindia

बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश से हिन्दी कवि
लैंगिक विमर्श पर विशेष कविताएँ

बीड़ । शुभम नेगी

शुभम नेगी की कविता 'बीड़'

पेड़ यहाँ के मूल निवासी हैंपेड़ों द्वारा लगायी क्यारियों मेंउगे हैं यहाँ इक्के-दुक्के इंसान पहाड़ हैं पार्क में लगे स्लाइडजिनकी सतह पर फिसलते आते हैंबादलों के बच्चे बारहा पत्थरों पर पानी के गिरने सेउपजी धुनफूलों के नृत्य का पार्श्व-संगीत है यहाँ उदास आँखों कोघेर लेती हैं तितलियाँबुद्धिस्ट झंडों से झरते पाँच रंगचलते होंठों पर उँगली …

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